मृत्यु दिवस, जिसे आम तौर पर किसी व्यक्ति की मृत्यु की वर्षगांठ के रूप में मनाया जाता है, विभिन्न संस्कृतियों में अलग-अलग तरीकों से मनाया जाता है। हिंदी संस्कृति में, मृत्यु दिवस को "मृत्यु दिवस" या "पुण्य तिथि" के रूप में जाना जाता है। यह दिन विशेष रूप से परिवार और प्रियजनों के लिए एक महत्वपूर्ण दिन होता है, जब वे अपने प्रिय की याद में श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं।