या देवी सर्वभूतेषु कान्तिरूपेण संस्थिता । नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ॥
विवेक ने सोचा, "शक्ति का रूप? क्या यह मतलब है कि देवी केवल मंदिर में नहीं, बल्कि हर जीव में हैं?" ya devi sarva bhuteshu in hindi pdf
यह कहानी एक ऐसे व्यक्ति की है जो भगवान को बाहर खोज रहा था, लेकिन उसे अपने अंदर और प्रकृति में ही देवी का स्वरूप दिखा। यह कहानी 'या देवी सर्वभूतेषु' स्तोत्र के महत्व को बहुत सुंदर ढंग से समझाती है। ya devi sarva bhuteshu in hindi pdf